SINGRAULI NEWS: एनसीएल की खदानों में डीजल चोरों का ‘हाईटेक सिंडिकेट’ सिक्योरिटी की मिलीभगत से शिफ्ट बाय शिफ्ट हो रहा है डीजल चोरी
जयंत और निगाही परियोजना में डीजल चोरी का बड़ा खेल, बैरियर और सीसीटीवी बने शोपीस?
सिंगरौली। देश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले सिंगरौली की एनसीएल खदानों में डीजल चोरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने के आरोप सामने आ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनसीएल की जयंत एवं निगाही परियोजना में डीजल चोरी का खेल लंबे समय से जारी है और इसमें कुछ सुरक्षा कर्मियों की संदिग्ध भूमिका की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।
खदानों में कैसे चल रहा है चोरी का खेल?
जानकारों का कहना है कि खदान क्षेत्र में प्रवेश और निकासी के लिए बनाए गए बैरियर तथा सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद डीजल चोर बेखौफ होकर सक्रिय हैं। आरोप है कि चोरी करने वाले गिरोह पहले से पूरी रेकी कर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं।
दो दिन पहले पकड़ा गया था डीजल चोर?
सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व खदान क्षेत्र में एक कथित डीजल चोर वाहन सहित पकड़ा गया था। चर्चा है कि मामला पुलिस थाने तक नहीं पहुंचा और आंतरिक स्तर पर ही उसे दबाने की कोशिश की गई। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बोलेरो और अन्य वाहनों से हो रही तस्करी
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कुछ वाहन चालकों द्वारा बोलेरो सहित अन्य चार पहिया वाहनों का उपयोग कर डीजल की अवैध ढुलाई की जा रही है। आरोप है कि चोरी का यह नेटवर्क अत्यंत सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना अंदरूनी मदद के कैसे पहुंचते हैं चोर?
खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर बिना किसी अंदरूनी जानकारी या सहयोग के कोई बाहरी व्यक्ति खदान क्षेत्र तक कैसे पहुंच सकता है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
कॉल डिटेल और सीसीटीवी जांच से खुल सकते हैं राज
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा कर्मियों की कॉल डिटेल, ड्यूटी रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कराएं तो डीजल चोरी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। खदानों में आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की भी जांच की मांग उठ रही है।
कई खदानों में सक्रिय बताए जा रहे गिरोह
सूत्रों का दावा है कि अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़े कुछ शातिर तत्व कथित रूप से खदानों में सक्रिय हैं और आपसी तालमेल से डीजल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
जांच की उठी मांग
क्षेत्र के लोगों ने एनसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान होता रहेगा।
अगले अंक में पढ़िए…
“किस खदान में किस गिरोह का कब्जा? कौन हैं डीजल चोरी के कथित सरगना, किन रास्तों से निकलता है चोरी का तेल और किन लोगों पर उठ रहे हैं सवाल?”
