SINGRAULI NEWS: मोरवा एसडीओ एवं चतुर्वेदी की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
मोरवा की जनता प्यासी जिम्मेदार बेफिक्र आखिर वार्ड क्रमांक-9 की पानी टंकी का वाल्व बार-बार क्यों हो रहा खराब
गुणवत्ताविहीन मरम्मत या अधिकारियों की लापरवाही बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे लोग, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
मोरवा, सिंगरौली। नगर निगम सिंगरौली के मोरवा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड क्रमांक-9 की पानी टंकी में बार-बार वाल्व खराब होने से क्षेत्र के हजारों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल खानापूर्ति कर रहे हैं, जिसके कारण आए दिन पानी सप्लाई बाधित हो जाती है।
मौके से सामने आई तस्वीरों में पानी टंकी के वाल्व को खोलकर मरम्मत का कार्य करते कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं। वहीं कई उपकरण और पाइप लाइन के हिस्से भी खुले पड़े हैं। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि हर कुछ दिनों में यही स्थिति बन जाती है। इससे साफ संकेत मिलता है कि मरम्मत कार्य में गुणवत्ता का अभाव है या फिर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मोरवा एसडीओ एवं संबंधित चतुर्वेदी की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। परिणामस्वरूप लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हर बार एक ही वाल्व खराब हो रहा है तो उसकी तकनीकी जांच कर स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही? यदि गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री लगाई जा रही है तो बार-बार खराबी कैसे आ रही है? क्या मरम्मत के नाम पर केवल सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रधानमंत्री की “हर घर जल” जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक घर तक निर्बाध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन मोरवा में हालात इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रहे हैं। लोग पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी समस्या के स्थायी समाधान की बजाय अस्थायी मरम्मत तक सीमित दिखाई दे रहे हैं।
अब क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वार्ड क्रमांक-9 की पानी टंकी की तकनीकी जांच कराई जाए, बार-बार होने वाली खराबी के कारणों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
