SINGRAULI NEWS: सिंगरौली में मौत की खदान बनी रिलायंस कोल माइंस 100 फीट गहरी खाई में गिरा होलपैक, रातभर चला रेस्क्यू सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
अमलोरी रिलायंस माइंस में देर रात हुआ भीषण हादसा, काफी मशक्कत के बाद चालक का शव को निकाला गया बाहर
सिंगरौली। जिले के नवानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अमलोरी रिलायंस कोल माइंस में देर रात हुए एक भीषण हादसे ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जानकारी के अनुसार माइंस के अंदर कार्य कर रहा एक भारी भरकम होलपैक वाहन अचानक लगभग 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन पूरी तरह खाई में समा गया और उसके नीचे चालक के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देर रात माइंस क्षेत्र में नियमित कार्य चल रहा था। इसी दौरान कोयला परिवहन और ओवरबर्डन हटाने के कार्य में लगा होलपैक वाहन अचानक संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते खदान की गहरी ढलान से नीचे खाई में जा गिरा।
घटना के बाद पूरे माइंस क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तत्काल प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही रिलायंस माइंस प्रबंधन, सुरक्षा विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गया। देर रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन खाई की गहराई और दुर्गम स्थिति के कारण राहत कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि होलपैक वाहन डंपर और मलबे के बीच बुरी तरह फंस गया है, जिससे चालक तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा था
पुलिस प्रशासन और रिलायंस कंपनी प्रबंधन के काफी मशक्कत के बाद शव को निकाला गया बाहर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
सुरक्षा मानकों पर फिर खड़े हुए सवाल
इस हादसे के बाद रिलायंस कोल माइंस की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। खदान क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन केवल कागजों तक सीमित है।
श्रमिकों का कहना है कि खदान के खतरनाक हिस्सों में पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और निगरानी व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
जिले में लगातार हो रहे हादसे, फिर भी नहीं जाग रहे जिम्मेदार
सिंगरौली जिला खदान और कोल परिवहन से जुड़ी दुर्घटनाओं के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कभी खदानों के अंदर हादसे, तो कभी सड़कों पर बेलगाम भारी वाहनों की वजह से लोगों की जान जा रही है।
इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों और कंपनियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाते नहीं दिखाई दे रहे हैं। हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि खदानों में लगातार हो रहे हादसे यह साबित करते हैं कि श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।
लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन और प्रबंधन लगातार जिले में हो रहा है मौत पर पर्दा डालने की करते हैं कोशिश
प्रशासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। चालक और वाहन को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास प्रयास से शव को बाहर निकल गया
हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सिंगरौली की खदानों में हादसों का सिलसिला कब रुकेगा और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता कब मिलेगी?
