SINGRAULI NEWS: कलिंगा के कोयले के खेल का खुलासा, झींगुरदा परियोजना के पिओ को कहने पर बूम बैरियर से पार हुआ कोयला मट्टी से ढका हुआ वोल्वो।
झींगुरदा परियोजना में कोयला तस्करी का बड़ा खेल।
“जब रक्षक ही बन जाए भक्षक, तो खदान क्यों नहीं लुटेगी?”
सिंगरौली। एनसीएल झींगुरदा परियोजना में ओबी हटाने का कार्य कर रही कलिंगा कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कंपनी के कुछ कर्मचारी और NCL के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से खदान से कोयला बाहर निकालने का खेल संचालित किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार एक वोल्वो वाहन कोयला लोड कर खदान से बाहर निकला, जिस पर ऊपर से मिट्टी डालकर उसे छिपाने का प्रयास किया गया। चर्चा है कि यह पूरा मामला परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में हुआ। तो यह केवल कोयले की चोरी नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति की खुली लूट है।
सीसीटीवी कैमरे खोल सकते हैं पूरा राज।
जानकारों का कहना है कि बूम बैरियर और प्रवेश-निकास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कैमरे यह बता सकते हैं कि संबंधित वोल्वो किस समय कोयला लोड कर बाहर निकला और कितने बजे वापस खदान परिसर में पहुंचा।
सीसीटीवी जांच से खुलेगा राज या फिर दब जाएगा मामला?”
इतने गंभीर संवेदनशील मामले में NCL के अधिकारी क्यों साधे हैं चुप्पी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद एनसीएल प्रबंधन अब तक मौन क्यों है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? आखिर खदान की सुरक्षा व्यवस्था किसके भरोसे है?
जांच हुई तो कई चेहरे होंगे बेनकाब स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कोयले के इस कथित काले खेल में शामिल कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। अब निगाहें एनसीएल प्रबंधन पर टिकी हैं कि वह मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाता है।
