SINGRAULI NEWS: ‘हर घर जल’ योजना पर फूटा कलेक्टर का गुस्सा 82% पर अटकी करोड़ों की परियोजना, ठेकेदार को टर्मिनेशन नोटिस के निर्देश
22 पानी टंकियों का काम तक शुरू नहीं, ग्रामीणों को अब भी नल से जल का इंतजार
सुस्त रफ्तार पर कलेक्टर का सख्त एक्शन, निर्माण एजेंसी को अंतिम चेतावनी
सिंगरौली। ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी वैढ़न-1 समूह जल प्रदाय योजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर गौरव बैनल का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को कलेक्टर ने परियोजना स्थल का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत देखी। निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाही और सुस्त कार्यप्रणाली को देखकर उन्होंने अधिकारियों को निर्माण एजेंसी के खिलाफ अनुबंध समाप्ति (टर्मिनेशन) नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए।
अचानक पहुंचे कलेक्टर, खुल गई परियोजना की पोल
मध्यप्रदेश जल निगम के अंतर्गत निर्माण एजेंसी एम/एस डब्ल्यूपीआईएल द्वारा संचालित वैढ़न-1 समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर ने इंटेक वेल, जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) और अन्य निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और मौके की स्थिति में भारी अंतर दिखाई दिया, जिससे कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई।
82 प्रतिशत पर अटका प्रोजेक्ट, लक्ष्य से बहुत पीछे
जल निगम के महाप्रबंधक ने बताया कि पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति अभी केवल 82 प्रतिशत ही हो सकी है।
सरकार की प्राथमिकता वाली इस योजना में लंबे समय से कार्य चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण हिस्से अब तक अधूरे पड़े हैं।
114 में से 22 ओएचटी का निर्माण तक शुरू नहीं
निरीक्षण में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति के लिए प्रस्तावित 114 उच्च स्तरीय जलाशयों (ओएचटी) में से 22 जलाशयों का निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं किया गया है।
इस लापरवाही को लेकर कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
इंटेक वेल का काम भी अधूरा
नदी एवं जल स्रोतों से पानी उठाने के लिए बनाए जा रहे इंटेक वेल का कार्य भी काफी पीछे पाया गया।
अधिकारियों के अनुसार इसकी प्रगति केवल 70 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी है, जबकि यह परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
सिर्फ एक गांव में हुआ पानी सप्लाई का परीक्षण
योजना के अंतर्गत गांवों में जल वितरण व्यवस्था की टेस्टिंग भी बेहद धीमी मिली।
स्थिति इतनी खराब पाई गई कि अब तक केवल एक गांव में ही पानी सप्लाई का परीक्षण शुरू किया जा सका है, जबकि बड़ी संख्या में गांव अभी भी योजना के लाभ से वंचित हैं।
कलेक्टर का फूटा गुस्सा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
पेयजल जैसी महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़ी योजना में बरती जा रही लापरवाही पर कलेक्टर गौरव बैनल ने निर्माण एजेंसी के प्रति कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित माइलस्टोन हासिल करने में लगातार विफल रहने वाली एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
टर्मिनेशन नोटिस जारी करने के निर्देश
कलेक्टर ने मध्यप्रदेश जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण एजेंसी के खिलाफ अनुबंध समाप्ति (Termination) की कार्रवाई शुरू करते हुए तत्काल नोटिस जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
समय सीमा में पूरा करें काम
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को अंतिम अवसर देते हुए कहा कि सभी अधूरे कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों परिवार इस योजना का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें जल्द से जल्द नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों की उम्मीदों से जुड़ी है योजना
वैढ़न-1 समूह जल प्रदाय योजना के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट दूर करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर गौरव बैनल ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि निर्माण एजेंसी ने समय रहते सुधार नहीं किया तो उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल
जब करोड़ों रुपये की परियोजना पर सरकार का फोकस है, तो आखिर निर्माण एजेंसी की सुस्ती का जिम्मेदार कौन? और कब तक ग्रामीणों को ‘हर घर जल’ योजना का इंतजार करना पड़ेगा?
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