SINGRAULI NEWS: हावड़ा भोपाल एक्सप्रेस में लगा रहा ताला अंदर बोरी काटकर पांच दुकानदारों के रेडीमेड गारमेंट्स चोरी लिए चोर
महीने में यह तीसरी हैं चोरी लेकिन रेलवे विभाग ने अभी तक नहीं की कोई कार्रवाई
हावड़ा भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन के लीज पार्सल से लाखों के गारमेंट्स चोरी जानकारी के अनुसार जयंत गोल मार्केट बैढ़न और माडा में रेडीमेड कपड़े के दुकान चलाने वाले दुकानदारों के द्वारा हावड़ा से बुक कराया गया गारमेंट्स से आधा अधूरा सिंगरौली रेलवे स्टेशन पहुंचा ताला बंद पार्सल से खाली किए गए 30 बोर में 06 कटे फटे तो दो बोरी में कुछ बचा ही नही था इस प्रकार कुल आठ बोरी से रेडीमेड गायब मिले हड़कम्प उस समय मच गया जब हावड़ा भोपाल एक्सप्रेस सुबह प्लेटफार्म नंबर 3 पर खड़ी हुई पार्सल यान के जिम्मेदारी संभालने वाले निजी कर्मचारी शम्भू पासवान ने ताला खोला तो अंदर का हाल देखकर पार्टी को सूचित की पूरा गारमेंट कपड़े उतार कर प्लेटफार्म पर ही रखा इसको बुक करने वाले नितेश रेडीमेड परसोना रोड़ माडा के संचालक अरविंद शाह राजेंद्र सिंह बाबू सरदार एंपोरियम बैढ़न कुंवर सिंह गोल मार्केट जयंत उदय चंद्र केसरी चंदन ड्रेसज के संचालक चंदन मोदी सहित सभी पीछे चल रही शक्तिपुंज ट्रेन से आ रहे थे जैसे ही वह प्लेटफार्म पर पहुंचे समान का नजारा देखकर हतप्रभ हो गए जिस प्रकार हावड़ा में बुक कराया गया है वह स्थिति नहीं थी 10 लाख रुपए का गारमेंट्स गायब था व्यापारियों ने बताया कि हावड़ा में प्रेम यादव इस पार्सल को बुकिंग करता है और उसी ने यह पार्सल चढ़ाया था इस पार्सल का सिंगरौली में शम्भू पासवान उतरता है उसी ने उतारा लेकिन गारमेंट्स कम था इधर जब मामले की जानकारी व्यापारियों ने पार्सल विभाग और रेल के कर्मचारियों को बताई तो उन्होंने सीधे पल्ला झाड़ लिया
जानकारी के अनुसार जहां रूकती है ट्रेन वही चेक होता है ताला।
प्रत्येक स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही ताला शील चेक किया जाता है लेकिन कहां इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया यह अभी तक रहस्य बना हुआ है हावड़ा से सिंगरौली जिले के व्यवसायी सिर्फ रेडीमेड गारमेंट का ही काम नहीं करते हैं बल्कि कई प्रकार के सामानों के खरीदारी का ट्रेन से बुक कराकर सिंगरौली लाते हैं इसी प्रकार के दो घटनाएं पहले भी हो चुकी है यह तीसरी घटना है और इससे पहले की घटनाओं का खुलासा अभी तक नहीं हो हो सका है जिस प्रकार की घटना को अंजाम देने वाले का हौसले बढे हुए हैं और ताला बंद रहने के बाद भी अंदर से बोरी काटकर सामान निकाल लिया जा रहा है कहीं ना कहीं रेलवे के अधिकारियों कर्मचारियों की मिली भगत है
