SASARAM NEWS: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के जिला अध्यक्ष ने सच्चिदानंद महाविद्यालय सहमल खैरा देव के खिलाफ सौपा ज्ञापन
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) रोहतास इकाई द्वारा सच्चिदानन्द महाविद्यालय, शहमल खैरा-देव के प्राचार्या को छात्रों की बुनियादी समस्याओं, वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक अव्यवस्था तथा छात्र संगठनों के प्रति अवमाननापूर्ण व्यवहार के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है।
जिला अध्यक्ष अनुराग तिवारी ने बताया कि विगत कई महीनों से महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अव्यवस्था चरम पर है। अनेक बार मौखिक एवं लिखित अनुरोध के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्रमुख मांगें एवं आरोप निम्नलिखित हैं —
1.शुल्क वापसी में भारी अनियमितता – स्नातक सत्र 2023-27 के SC/ST एवं अन्य पात्र छात्र-छात्राओं की शुल्क वापसी अब तक पूर्ण नहीं की गई है। लिखित आश्वासन के बावजूद हजारों छात्र प्रतीक्षा में हैं।
2. MDC प्रैक्टिकल शुल्क ₹600 की अवैध वसूली– सत्र 2023-27 एवं 2024-28 में ₹600 की वसूली UGC दिशा-निर्देशों के विपरीत की गई है। इसकी पारदर्शी जानकारी व वापसी की मांग की गई है।
3. बसार पद पर तीसरी बार नियुक्ति – विश्वविद्यालय गाइडलाइन के विरुद्ध पुनर्नियुक्ति का आरोप लगाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग।
4. नवप्रवेशित छात्रों को पहचान पत्र उपलब्ध नहीं– सत्र 2025-29 के छात्रों को सेमेस्टर-1 परीक्षा के बाद भी आईडी कार्ड नहीं दिया गया।
5. स्मार्ट क्लास हेतु व्यय राशि का उपयोग स्पष्ट नहीं– छात्र कोष एवं विकास कोष से व्यय राशि के उपयोग की पारदर्शी जानकारी मांगी गई।
6. विभागों का बिना सूचना बंद रहना– कई विभाग बिना सूचना 11 बजे खुलते हैं और 2 बजे बंद कर दिए जाते हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।
7.आंतरिक परीक्षा शुल्क ₹400 प्रति सेमेस्टर की वसूली – लगभग 6000 छात्रों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि अन्य महाविद्यालयों में ऐसा शुल्क नहीं लिया जा रहा।
8. ऑनलाइन नामांकन में ₹6 प्लेटफॉर्म शुल्क की कटौती – अतिरिक्त शुल्क की वैधता एवं अनुबंध सार्वजनिक करने की मांग।
9.परीक्षा के बाद कक्षाओं का नियमित संचालन नहीं – परीक्षा संपन्न होने के बावजूद कक्षाएं शुरू नहीं की जा रही हैं।
10. असाइनमेंट व वाइवा में अव्यवस्था एवं अमानवीय व्यवहार – छात्रों को घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है; स्लोट/बैच प्रणाली लागू करने की मांग।
11. साइकिल स्टैंड व पार्किंग व्यवस्था का अभाव – लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई।
12. छात्रवृत्ति एवं छात्र कल्याण विभाग की स्थापना।
13. पुस्तकालय में UGC पाठ्यक्रम की पुस्तकें उपलब्ध कराना।
14. प्लेसमेंट सेल एवं लैंग्वेज लैब को सक्रिय करना।
15. महिला छात्रावास चालू करना।
16. कॉमन रूम/शेड का निर्माण।
17. पूछताछ काउंटर को सुचारू करना।
18. महिला एवं पुरुष शौचालय की स्थिति सुधारना।
19. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की पहल।
20. छात्र प्रतिनिधियों के प्रवेश एवं प्रशासनिक व्यवहार पर लिखित स्पष्टीकरण।
21. भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर स्पष्टीकरण।
22. क्षतिग्रस्त बाउंड्री की मरम्मत।
23. परिसर में लोकतांत्रिक वातावरण एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
24. सभी विभागों का समय पर संचालन सुनिश्चित करना।
NSUI ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। छात्रहित, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर रहे
