SINGRAULI NEWS: NH-39 बना मौत का हाईवे प्रशासन की लापरवाही ने फिर आई जान पर आफत, कोयला ट्रक ने दो युवकों को रौंदा, चालक भी केबिन में फंसा
सिंगरौली में सड़क हादसों का सिलसिला नहीं थम रहा, आखिर कब जागेगा जिला प्रशासन?
सिंगरौली। जिले में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासनिक अमला अब भी प्रभावी कदम उठाने में नाकाम दिखाई दे रहा है। सोमवार को एक बार फिर NH-39 पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाखन पुल के पास हुआ भीषण हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार जियावन थाना क्षेत्र के ग्राम जोगनी स्थित खाखन पुल के समीप सिंगरौली से सीधी की ओर जा रहा एक कोयला लोड ट्रक अचानक दो बाइक सवारों से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तत्काल मदद के लिए दौड़ पड़े।
दोनों बाइक सवार गंभीर, अस्पताल में भर्ती
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
ट्रक चालक केबिन में फंसा, चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चालक वाहन के केबिन में ही फंस गया। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मौके पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर चालक को निकालने का प्रयास किया।
घटना के बाद लगा जाम, घंटों प्रभावित रहा आवागमन
दुर्घटना के बाद NH-39 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क के दोनों ओर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली और धीरे-धीरे मार्ग को सुचारू कराया।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि NH-39 पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी लगातार हादसों का कारण बन रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो शायद ऐसे हादसों को रोका जा सकता था।
आखिर कब जागेगा प्रशासन?
जिले में बीते कुछ दिनों के दौरान सड़क और खदान दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
आखिर NH-39 पर हादसों का सिलसिला कब रुकेगा?
भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर कौन लगाम लगाएगा?
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
क्या प्रशासन किसी बड़े जनआंदोलन या और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
फिलहाल मामले के जांच में जुटी हैं पुलिस
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घायलों की पहचान और ट्रक चालक की स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
NH-39 पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर और ठोस कदम उठाए बिना दुर्घटनाओं का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है।
