Thu. Feb 5th, 2026

SINGRAULI NEWS : नगर पालिका निगम उप कार्यालय मोरवा के अधिकारियों की लापरवाही खुले में बिक रहा है मांस

प्रदेश सरकार के आदेशों का नगर निगम सिंगरौली खुलेआम उड़ा रहा है धज्जियाँ 

नगर पालिका निगम सिंगरौली के मोरवा जोन में अधिकारियों के लापरवाही से खुले में बिक रहा है मांस आपको बता दे कि प्रदेश सरकार के निर्देश है की खुले में मांस मछली की बिक्री नहीं की जाएगी मोरवा में कई सालों से खुले में मीट मंडी चलाई जा रही है अब तक खुले में चिकन मटन और मछली दुकानदार अपना व्यवसाय चला रहे हैं नगर पालिका निगम जिला प्रशासन किसी प्रकार की कोई कारवाई नहीं कर रहा है वजह अब तक मटन चिकन व्यवसाईयों को मीट मंडी या दुकान स्लॉटर हाउस बेस्ट डिस्पोजल पिट स्वच्छता आदि के लिए जरूर जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराया है यही नहीं जानकारी के अनुसार मीट के दुकान चलाने के लिए अनिवार्य लाइसेंस और नगर पालिका निगम के द्वारा दुकान के स्थान के लिए किसी को एनओसी तक नहीं दी गई है बताया तो यह भी जा रहा है कि मोरवा का अधिकांश मीट व्यवसाईयों के पास इस प्रकार के व्यवसाय का ट्रेड लाइसेंस तक नहीं है स्वच्छता प्रमाण पत्र जीएसटी और दुकान की ऊंचाई वेंटीलेशन साफ सफाई औजार एक निश्चित तापमान पर रखने वाले नियम तो उन्हें अब तक नहीं मालूम ही नहीं है नगर पालिक निगम में मीट व्यवसाईयों की कभी जांच पड़ताल न की और ना ही संबंधित किसी अन्य विभाग में जानने की प्रयास किया जबकि मीट सिर्फ स्लाटर हाउस से प्राप्त कर बिक्री किया जाना चाहिए जहां पर बकरे और मुर्गा आदि का स्वास्थ्य परीक्षण कर उसका प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत ही आपूर्ति किया जाना जरूरी है इन सब नियमों को धाता बताते हुए मोरवा में खुले में मीट मंडी संचालन किया जा रहा है जिसको लेकर नगर पालिका निगम प्रशासन एक दशक से मौन है यही नहीं आपको बता दे की खुले में चल रही मीट मंडी का बेस्ट मटेरियल पूरे दिन नाले सड़क के किनारे फेंका जाता है जहां पर हर समय सैकड़ो कुत्ते और कौवे झुंड में देखे जा सकते हैं एक बड़ा एरिया में भारी प्रदूषण करते हैं और बीमारियों को फैलाने में मदद करते हैं नगर पालिका प्रशासन इस बड़ी समस्या का स्थाई हल निकालने के बजाय गए पर्दा लगा देने बंद कर देने और कारवाई करने का भय दिखता है किसी प्रकार के स्थाई इंतजाम करने के बारे में नगर पालिक निगम सिंगरौली सोचा ही नहीं खुले में मीट मंडी चलाई जा रही है सड़क की दूसरी तरफ 32 दुकानों वाली मीट मंडी रेल के डिब्बे का तरह बना दी गई नगर पालिका निगम प्रशासन ने मीट मंडी बनाने के लिए लाखों रुपए निर्माण में और लाखों रुपए जीर्णोद्धार में खर्च किए आधा दर्जन बार नीलामी कराई लेकिन कोई भी मिट व्यवसाय उन दुकानों को लेने में रुचि नहीं दिखाई क्योंकि अभी भी सभी दुकानें जर्जर हालत में है उन दुकानों का संचालन संभव नहीं है मीट मंडी मछली मंडी वार्ड नंबर 3 और एन एच 39 से महज डेढ़ सौ मीटर अंदर सब्जी मंडी और ट्रांसपोर्ट नगर के बीच लगाई जा रही है मोरवा विस्थापन के सबसे आखरी समय तक यह मीट मंडी रहेगी इससे अभी भी नए सिरे से बनाएँ जाने के लिए नगर पालिका निगम सिंगरौली को आगे आना चाहिए नहीं तो स्वच्छता में नंबर वन आने का सपना देखना मुनासिब नहीं है क्योंकि नगर पालिका में यहां पर अपनी ही नाकामी को ढकने का प्रयास कर रहा है आपको यह भी बता दे की मोरवा में मीट मंडी बनने के बाद कई वर्षों तक मीट व्यवसाई दुकान लेने के लिए बेताब रहे दुकानों को नीलामी नही हो पाई क्योंकि उनका ड्राइंग डिजाइन किसी को रास नहीं आई नगर पालिका निगम की जमीन पर अपने हिसाब से मीट मंडी चला रहे दुकानदार बैठकी से भी मुक्त हैं लेकिन अब तक एक बड़े एरिया को गंदगी से मुक्त नहीं किया जा सका नाले से लेकर सड़क तक दुर्गंध वातावरण में नाक दबाकर ही पोस्ट ऑफिस से मेंन रोड और ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आवागमन लोग कर पा रहे हैं कहीं ना कहीं देखा जाए तो नगर पालिका निगम सिंगरौली का सारे दावा खोखला साबित हो रहे हैं नगर पालिका निगम सिंगरौली में अधिकारी नेता बदलते हैं लेकिन शहर की व्यवस्था दुरुस्त नहीं दिखती और ना ही बदलती

Author

  • Fanindra sinha

    दुनिया की आवाज तेजी से बढ़ता न्यूज़ नेटवर्क संपदक फणींद्र सिन्हा

    View all posts

By Fanindra sinha

दुनिया की आवाज तेजी से बढ़ता न्यूज़ नेटवर्क संपदक फणींद्र सिन्हा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *