SINGRAULI NEWS : कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उद्यानिकी मिशन समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न
फल एवं फूल के विभिन्न किस्मो को बढ़ावा देने हेतु योजना अंतर्गत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करे – गौरव बैनल
सिंगरौली कार्यालय
कलेक्टर गौरव बैनल के अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्यानिकी मिशन समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने जिला उद्यानिकी मिशन समिति अंतर्गत एमआईडीएच योजना के वार्षिक प्रस्तावित कार्य योजना की जानकारी लेने के पश्चात निर्देश दिए कि फल एवं फूलो की विभिन्न किस्मे जैसे स्ट्राबरी, डच रोज को बढ़ावा दिए जाने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जायें। आम, अमरूद के साथ साथ सिंगरौली क्षेत्र के अनुकूल उगने वाले अन्य फलदार पौधो को प्लांटेशन के माध्यम से फल उत्पादन के रकवे को बड़ाया जाये। उन्होने कहा कि सिंगरौली के ग्रामीण क्षेत्रो में पूजीगहन परियोजनाओ को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। जिसके माध्यम से पॉली हाउस एवं ड्रीप एग्रीकल्चर के माध्यम से मशाले सहित अन्य फल सब्जी का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा सके। उन्होने कहा कि हमे हाईड्रो फोनिक्स जैसी आधूनिक तकनीको के माध्यम से भी उद्यानिकी फसलो के उत्पादन का प्रयास करना चाहिए।
कलेक्टर ने उप संचालक उद्यानिकी को निर्देश दिए कि कृषि विज्ञान केन्द्र के मध्यम से मिलने वाले प्रशिक्षण के साथ साथ जिले के दूरस्थ मझरे टोलो मे रहने वाले ग्रामीणो को भी चौपाल के माध्यम से उद्यनिकी की नई तकनीको एवं योजनाओ के संबंध में अवगत कराये। इन चौपालो में युवा पीढ़ी, महिलाओ एवं कृषि उद्यमियो को प्राथमिकता के साथ प्रशिक्षणो का हिस्सा बनाये। उन्होने कहा कि एमआईडीएच योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में हो रहे उद्यानिकी फसलो के उत्पादन का वैल्यू एडिसन किया जाये। फसल उत्पादन संबंधी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी लेने के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि उत्पादन एवं उद्यानिकी योजना के वार्षिक लक्ष्य को समय सीमा में पूर्ण करें। सभी फसल उत्पादकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायें। कोई भी इच्छुक हितग्राही शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों को एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (एमआईडीएच) के लाभ के बारे में बतायें और उन्हें इस योजना से जोड़ें। उन्होने कहा कि जिले में फूलो की खेती आदि को बढ़ावा दें। साथ ही जैविक खेती-वर्मी कम्पोस्ट, वर्मीबेड को भी बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम चलायें। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय सीमा में योजनाबद्ध रूप से पूर्ण करे। साथ ही राज्य पोषित योजना के फल क्षेत्र विस्तार, मसाला क्षेत्र, संरक्षित खेती, कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण, ड्रिप, पोर्टेबल स्प्रिंकल पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान उप संचालक उद्यानिकी एच.एल निमोरिया, सहायक आयुक्त मत्स्य विभाग मनोज अग्रवाल, उप संचालक पशु एवं डेयरी विभाग रविन्द्र जयसवाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
