Singrauli news : जमीनी विवादों के निराकरण हेतु एस.डी.एम. एवं तहसील कार्यालयों में आयोजित की गई संयुक्त जनसुनवाई
राजस्व व पुलिस द्वारा संयुक्त कैंप लगाकर आयोजित की गई जनसुनवाई।
सिंगरौली कर्यालय
जिले में भूमि एवं जमीन विवादों के शीघ्र और प्रभावी समाध हेतु आज दिनांक 26 जुलाई 2025 को कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री के निर्देशन में समस्त तहसील कार्यालयों में राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जनसुनवाई आयोजित की गई।
इस जनसुनवाई के दौरान संबंधित तहसीलों में राजस्व एवं पुलिस अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे। विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी शिकायतें व आवेदन पत्र अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया तथा शेष आवेदनों की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कई विवादित प्रकरणों में दोनों पक्षों की उपस्थिति में समाधानकारी एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित किया गया।
जिले के विभिन्न अनुभागों में आयोजित जनसुनवाई के दौरान संबंधित राजस्व एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
अनुभाग सिंगरौली में एस.डी.एम. सृजन बर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर पी.एस. परस्ते, तहसीलदार सविता यादव, जान्हवी शुक्ला,अभिषेक यादव थाना प्रभारी बैढ़न अशोक सिंह परिहार, थाना प्रभारी विंध्यनगर श्रीमती अर्चना दिवेदी साथ ही क्षेत्र के चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
अनुभाग माड़ा में एस.डी.एम. राजेश कुमार शुक्ला, एस.डी.ओ.पी. सिंगरौली कृष्ण कुमार पाण्डेय तथा थाना प्रभारी माड़ा शिवपूजन मिक्षा व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
अनुभाग देवसर में एस.डी.एम. अखिलेश कुमार सिंह, एस.डी.ओ.पी. श्रीमती गायत्री तिवारी, सहित थाना प्रभारी देवसर ज्ञानेन्द्र सिंह एवं चौकी प्रभारी जनसुनवाई में उपस्थित रहे। अनुभाग चितरंगी में सुरेश कुमार जाधव एवं क्षेत्र के थाना प्रभारी चितरंगी सुधेश तिवारी, थाना प्रभारी गढ़वा विद्यावारिधि तिवारी की उपस्थिति में जनसुनवाई संपन्न हुई।
इसी प्रकार जिले के समस्त तहसील कार्यालयों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें तहसीलदार, राजस्व अधिकारी-कर्मचारी, पटवारी एवं संबंधित पुलिस अधिकारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहकर भूमि विवादों का समाधान सुनिश्चित करते रहे।यह पहल जिले में शांति, समरसता एवं प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
