SINGRAULI NEWS: 05 करोड़ के एनसीएल एक्सप्रेसवे पर उठे गंभीर सवाल निर्माण गुणवत्ता पर घिरा प्रबंधन, स्थानीय लोगों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
पुराने पुल पर नया स्ट्रक्चर, 90 डिग्री ढाल और पुलिया की डिजाइन पर सवाल हादसों के बाद लोगों में बढ़ा आक्रोश
सिंगरौली। मोरवा के कांटा मोड़ से सर्किट हाउस मोड़ तक एनसीएल के सीएसआर मद से लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक्सप्रेसवे अब स्थानीय लोगों के निशाने पर है। हाल के सड़क हादसों के बाद इस सड़क की निर्माण गुणवत्ता, डिजाइन और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों और राहगीरों का आरोप है कि निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां हैं, जिनकी वजह से यह सड़क लोगों की सुविधा के बजाय दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया गया। उनका कहना है कि अधिकांश कार्य ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया गया, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई। लोगों ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।
पुराने पुल पर ही नया स्ट्रक्चर खड़ा करने का आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जहां नए पुल की आवश्यकता थी, वहां पुराने पुल के ऊपर ही नया स्ट्रक्चर तैयार कर दिया गया। उनका कहना है कि इससे न केवल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, बल्कि भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ सकते हैं।
पुल की ढाल और डिजाइन पर उठ रहे सवाल
राहगीरों का कहना है कि पुल पर चढ़ने और उतरने का ढाल असामान्य रूप से तीखा है। उनका आरोप है कि इस डिजाइन के कारण वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि सड़क और पुल की संरचना का स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन कराया जाना चाहिए।
पुलिया निर्माण को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि दो पुलिया संरचनाओं के बीच जिस प्रकार निर्माण किया गया है, वह तकनीकी दृष्टि से जांच का विषय है। उनका कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन की विशेषज्ञ एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
हादसों से बढ़ी चिंता
क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर हो रही दुर्घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उनका मानना है कि यदि सड़क की डिजाइन, संकेतक, सुरक्षा बैरियर, रोशनी और अन्य सुरक्षा उपायों की समय रहते समीक्षा की जाए तो दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
जांच और जवाबदेही की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाए, गुणवत्ता की जांच हो और यदि कहीं भी मानकों से समझौता पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क की सभी तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर कर इसे सुरक्षित बनाया जाए।
