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SINGRAULI NEWS : बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान: एनटीपीसी विंध्याचल में ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ (GEM) 2026 का भव्य शुभारंभ

ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और कौशल विकास के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

कलेक्टर गौरव बेनल द्वारा एनटीपीसी विंध्याचल के प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ (GEM-2026)के सातवें संस्करण का गरिमामय उद्घाटन किया गया।

परियोजना प्रमुख संजीब कुमार साहा के मार्गदर्शन में आयोजित इस मिशन से अब तक क्षेत्र की 736 बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। इस सत्र मे 150 बलिकाओ का चयन कर अभियान में प्रशिक्षित किया जाकर 30 उतकृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को 12 वी कक्षा तक पढ़ाई में होने वाला खर्चा एनटीपीसी द्वारा वहन किया जायेंगा।

सिंगरौली एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और समग्र व्यक्तित्व विकास के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से अपने प्रमुख कार्यक्रम ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ (जीईएम ) 2026 के सातवें संस्करण का गरिमामय शुभारंभ किया गया। उमंग भवन में आयोजित इस एक माह की आवासीय कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सिंगरौली गौरव बेनल द्वारा किया गया भारत सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की भावना के अनुरूप वर्ष 2018 में विंध्य क्षेत्र से शुरू हुई यह अभिनव पहल अब अपनी सफलता के कारण देश भर के 50 से अधिक एनटीपीसी केंद्रों पर संचालित की जा रही है।

कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कलेक्टर गौरव बेनल ने बालिकाओं का आह्वान किया कि वे अपने सपनों को विस्तार दें और लक्ष्य प्राप्ति के लिए इस कार्यशाला के माध्यम से मिलने वाले प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाएं। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओ में व्यक्तित्व विकास होने के साथ साथ उनमें आत्म विश्वास भी बड़ेगा। उन्होने ने कहा की सीएसआर मद के माध्यम से जिलें में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रो में और भी विकास कार्य किए जायेंगे।

पुलिस अधीक्षक के.एम. शियाज ने सामाजिक सीमाओं को तोड़कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की बात कही, उन्होने कहा कि आज के समय में लड़किया लड़को से कम नही है हमें उनके क्षमताओं को पहचान कर उन्हे शिक्षित करने की आवश्यकता है। ताकि सामाजिक एव आर्थिक रूप से समाज में अपनी पहचान बना सकें। वहीं सहायक कलेक्टर सुश्री सौम्या मिश्रा ने ग्रामीण बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु एनटीपीसी के इस प्रयास की सराहना की। इस एक माह के दौरान बालिकाओं को शैक्षणिक विषयों के साथ-साथ योग, आत्मरक्षा (कराटे), जीवन कौशल और सामाजिक जागरूकता का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व प्रतिभागी बालिकाओं ने अपने प्रेरक संस्मरण साझा किए कि कैसे इस प्रशिक्षण ने उनके शैक्षणिक स्तर और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
समारोह के दौरान डीपीएस के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना और बालिका सशक्तिकरण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से महिला शसक्तिकरण को समाज में बढ़ावा देने का संदेश दिया।

यह अभियान न केवल बालिकाओं के व्यक्तित्व को निखारने का माध्यम बना है, बल्कि क्षेत्र के समावेशी विकास में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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  • Fanindra sinha

    दुनिया की आवाज तेजी से बढ़ता न्यूज़ नेटवर्क संपदक फणींद्र सिन्हा

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By Fanindra sinha

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