SINGRAULI NEWS परस्पर विश्वास और सामंजस्य के बदौलत कंपनी समृद्धि की ओर अग्रसर- सीएमडी NCL
जयंत परियोजना विस्तार हेतु भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों को ध्वस्त करते हुए ‘शेष प्रतिकर वितरण’ का हुआ शुभारंभ
विकसित भारत की पृष्ठभूमि में देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु कोयला उत्पादन अनिवार्य है। इसी कड़ी में भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी एनसीएल, जयंत परियोजना विस्तार के तहत भू-अर्जन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। सोमवार को एनसीएल मुख्यालय में जयंत परियोजना विस्तार हेतु ‘शेष प्रतिकर वितरण’ का शुभारंभ करते हुए 5 परिवारों को अनुमोदित स्कीम के अनुसार शेष देय प्रतिकर राशि का भुगतान अंतिम राशि के रूप में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमडी एनसीएल बी साईराम ने कहा कि परस्पर विश्वास और सामंजस्य के बदौलत ‘कंपनी और कम्यूनिटी’ दोनों समृद्धि की ओर अग्रसर होते हैं, जयंत परियोजना विस्तार इसका जीवंत उदाहरण है । शेष प्रतिकर वितरण’ शुभारंभ को मोरवावासियों व एनसीएल, दोनों के लिए एतिहासिक बताते हुए उन्होने विभिन्न मंचों के साथ, जनप्रतिनिधियों, राज्य शासन, जिला प्रशासन व हितग्राहियों के निरंतर सहयोग एवं बहूमूल्य सुझावों के लिए कृतज्ञता ज्ञपित की ।
कार्यक्रम में निदेशक(मानव संसाधन) मनीष कुमार ने आज के दिन को जयंत विस्तार की दिशा में मील का पत्थर बताया और भरोसा दिया कि आगे भी एनसीएल इसी गति के साथ प्रभावित हितग्राहियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पूर्ण पारदर्शिता के साथ जयंत परियोजना विस्तार पर कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में निदेशक(वित्त) रजनीश नारायण, एवं सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि ‘जयंत परियोजना विस्तार’ का मार्ग जिस त्याग, सहयोग और समझदारी से प्रशस्त हो रहा है, उसका श्रेय परियोजना प्रभावित सम्मानित भू-स्वामियों एवं परिसंपत्ति धारकों को जाता है। उनका योगदान देश की ऊर्जा–आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है।
इसी भावना के साथ, एनसीएल द्वारा प्रदान किया जा रहा ‘शेष प्रतिकर वितरण’ मात्र स्वीकृति पत्र नहीं, बल्कि त्याग, धैर्य और राष्ट्रीय योगदान के प्रति एनसीएल का कृतज्ञतापूर्ण “आभार पत्र” है।
एनसीएल, परियोजना प्रभावित प्रत्येक हितग्राही का हृदय से धन्यवाद करती है, क्योंकि उनका सहयोग… राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा का आधार है।
कार्यक्रम का आयोजन महाप्रबंधक निरंजन रुक्मांगद के नेतृत्व में सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल ने किया।
