SINGRAULI NEWS : वन परिक्षेत्र गोरबी के बीट सिलफोरी क्षेत्र में करंट लगाकर वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
सिंगरौली वन मंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र गोरबी के बीट सिलफोरी क्षेत्र में करंट लगाकर वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले चार आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 जनवरी 2026 की रात्रि मुखबिरों से सूचना प्राप्त हुई कि बीट सिलफोरी क्षेत्र में वन्य प्राणियों का शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही बीट प्रभारी सिलफोरी अनिल कुमार साकेत अन्य वन अमले के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सब्बल से जमीन में गड्ढा खोदकर बांस की खूटियां गाड़ी गई थीं, जिन्हें बाइंडिंग वायर से जोड़कर पास की 11 हजार केवी विद्युत लाइन से अवैध रूप से करंट सप्लाई दी गई थी।
इस अवैध करंट की चपेट में आने से एक नीलगाय, एक लोमड़ी एवं एक सियार की मृत्यु हो गई। घटना के बाद मौके से आरोपी फरार पाए गए, जिस पर वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
दिनांक 17 जनवरी 2026 को संजय टाइगर रिजर्व, सीधी की डॉग स्क्वाड टीम को बुलाकर सर्चिंग कराई गई। डॉग स्क्वाड द्वारा घटनास्थल से प्राप्त बाइंडिंग वायर की स्मेल लेकर की गई तलाश के दौरान टीम आरोपी अमरेश कुमार पिता केशो सिंह गोंड के घर पहुंची, जहां से 250 ग्राम बाइंडिंग वायर, बांस की खूटियां, जीआई तार लगभग 8 मीटर, जंगली सूअर के बाल एवं हड्डी जब्त की गई।
मुख्य आरोपी अमरेश कुमार फरार था, जिसे दिनांक 21 जनवरी 2026 को रेंज ऑफिसर गोरबी अभिषेक सिंह के निर्देशन में परिक्षेत्र सहायक रामानुज शर्मा, बीट प्रभारी अनिल कुमार साकेत एवं अन्य वन कर्मियों द्वारा भोर में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। उसके साथ सह-आरोपी बिहारी सिंह, रामदुलारे सिंह एवं सिपाहीलाल सिंह सभी निवासी ग्राम सिलफोरी को भी गिरफ्तार किया गया।
चारों आरोपियों को रेंज कार्यालय गोरबी लाकर बयान दर्ज किए गए तथा चिकित्सीय परीक्षण उपरांत माननीय न्यायालय वैढ़न में प्रस्तुत किया गया, जहां माननीय न्यायाधीश विशाल रिछारिया द्वारा आरोपियों की जमानत निरस्त कर उन्हें जिला जेल पचौर भेजने के आदेश दिए गए।
वन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शिकार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
